दिल काला तो है मेरा
लेकिन रंग नहीं बदलता
हां बदनाम तो थोड़ा हूं
लेकिन तुम्हारी तरह जमाने में रूसबा नहीं
लोग अब मोहब्बत में मोहब्बत से जादा
दिखावा जादा करते है
वही हमारे काबिल ना था दोस्तो वरना मोहब्बत की क्या औकात जो हमें ठुकरा दे
तू ज़रा मेरा हाथ थाम कर तो देख लोग जल जाएंगे महफ़िल में चिंगारियों की तरह
तसल्ली से पढ़ा होता तो समझ में आते हम तुमने तो कुछ पन्ने ऐसे ही पलट दिए
किसी को हकीकत तो किसी को उसकी औकात दिखानी है बहुत से हैं लोग जिनका हिसाब किताब अभी बाकी है
लोगों में और हमने बस इतना फर्क है कि लोग दिल को दर्द देते हैं और हम दर्द देने वाले को दिल देते है
काबिल आंखों के लिए हम जान दे दे लेकिन कोई गुरु से देखे तो हमे मंज़ूर नहीं
हमारी शायरी पढ़ कर यूं नजर अंदाज मत कीजिए अगर हम मुंह फेर में तो हुस्न के बाजार गिर जाएंगे
हम बात खत्म नहीं करतेसीधा कहानी खत्म करते हैं
लोग तुम्हें जानते हैंलेकिन हमें मानते हैं
एटीट्यूड उन्हें दिखाते हैं हमजिन्हें तमीज समझ में नहीं आती
गुजर गया वोह वक़्तजब जरूरत थी तुम्हारी
एक मसला ये भी है दुनिया काअगर कोई अच्छा है तो है कियू
आज फिर से तेरी याद में हूंअब देख किस हाल में हूं







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