जिसके एक msg से मेरे चेहरे पर smile आती थी❤️
💔💔आज रोते रोते पूरा दिन गुजर गया इंतजार में
झूठी 🌷💔मोहब्बत वफ़ा के वादे साथ निभाने की कसमें इतना सब कुछ किया था सिर्फ मेरे साथ वक्त गुजारने को💔💔
हर एक💔💔 ने देखा मुझे अपनी नज़र से
काश कोई तो मेरी नज़र से भी 💔देखता मुझे।
कभी कभी 💔💔💔मेरा दिल करता है कि
बैठकर इतना रोऊं की रोते 💔रोते ही मर जाऊ
मोहब्बत में💔💔 दिखावे की दोस्ती न मिला
अगर गले नही मिलता तो हाथ💔 भी ना मिला
बहुत अजीब 💔💔है ये क़ुर्बतो की दूरी भी
वो मेरे साथ है पर मुझे 💔💔कभी नही मिला
जिस दिन💔💔 बंद कर ली हमने हमने आँखे,
कई आँखों से उस दिन आंसू 💔💔बरसेंगे,
जो कहते है की💔💔 बहुत तंग करते है हम,
वही 💔💔हमरी एक सरारत को तरसेंगे,
न दिल💔💔 में बसाकर भुलाया करते,
न हसकर रुलाया💔💔 करते है,
कभी 💔💔महसूस करके देख लेना,
हम जैसे तोह दिल से💔 रिश्ते निभाया करते है,
लम्हा 💔💔लम्हा साँसे ख़त्म हो रही है|
जिंदगी मौत के पहलु💔💔 में सो रही है|
उस 💔💔बेवफा से न पूछो मेरी मौत की वजह
वो तो जमाने को दिखने 💔💔को रो रही है
तेरी 💔💔धड़कन ही जिंदगी का हिस्सा है मेरा
तू जिंदगी का अहम् 💔💔हिस्सा है मेरा
मेरी 💔💔मोहब्बत तुझसे,सिर्फ लफ़्ज़ों की नहीं
तेरी रूह से रूह तक का 💔💔हिस्सा है मेरा
जिस 💔💔दिन बंद कर ली हमने आँखें
कई आँखों से उस दिन 💔💔आंसू बरसेंगे
जो 💔💔कहते है की बहुत तंग करते है हम
वही हमारी एक शरारत को💔💔 तरसेंगे
दर्द से💔💔 हाथ न मिलाते तो और का करते,
गम के आंसू न बहाते तो💔💔 और क्या करते,
उसने💔💔 मांगी थी हमसे रौशनी की दुआ,
हम खुद को न जलाते तो💔💔 और क्या करते,
हकीकत💔💔 जान लो जुदा होने से पहले,
मेरी सुन लो अपनी सुनाने 💔💔से पहले,
ये सोच 💔💔💔लेना भूलने से पहले,
बहुत रोई है ये आँखें मुस्कुराने💔💔 से पहले,
ये कैफ़ियत 💔💔है मेरी जान अब तुझे खो कर कि हम ने ख़ुद को भी पाया नहीं💔💔 बहुत दिन से
आब-ए-रवान-ए-कबीर 💔💔तेरे किनारे कोई देख रहा है किसी और ज़माने 💔💔का ख़्वाब
मिरे हबीब 💔💔मिरी मुस्कुराहटों पे न जा ख़ुदा-गवाह मुझे आज भी💔💔 तिरा ग़म है
इक सफ़र में 💔💔कोई दो बार नहीं लुट सकता अब दोबारा तिरी चाहत नहीं💔💔 की जा सकती
बेचैन इस💔💔 क़दर था कि सोया न रात भर पलकों से लिख रहा था तिरा नाम💔💔 चांद पर
आज इक और💔💔 बरस बीत गया उस के बगैर जिस के होते हुए होते थे💔💔 ज़माने मेरे
उम्र भर की 💔💔बात बिगड़ी इक ज़रा सी बात में एक लम्हा ज़िंदगी भर की कमाई💔💔 खा गया
देख कर 💔💔मुझे अब आँखे तो भर
आती है पर वो नहीं दीखते। 💔💔💔💔
रूह बहुत है 💔💔उसके दरवाजे पर दस्तक दे कर
दर्द तब हवा जब उसने पूछा💔💔💔 कौन हो तुम।
मोहब्बत की 💔💔आजतक बस दो ही बाते अधूरी रही
एक मैं तुझे बता नहीं पाया और 💔💔 दूसरी तुम समझ नहीं पाए।
मुस्कान खो सी💔💔💔 गई है उनके बिना
और लोग 💔💔महफ़िल को हसाने की बात कर रहे हैं
हम तो बने 💔💔💔ही कांच के थे
आप तो बस 💔पत्थर का बहाना बन गए।
फ़ुर्सत मिले 💔💔तो कभी सोचना बैठ कर
किसी पागल ने, पागलों की तरह 💔💔प्यार किया था
दूर जाने से 💔💔पहले सोच लेना एक बार
हमसे ज़दा प्यार मिलना मुश्किल 💔💔है इस जहान में।
तू तो सीखा 💔💔गया मुझे बेवफ़ाई
तू भी तो मोहब्बत सीख 💔💔जाता।
मोहब्बत💔💔 क्या है वो तो नहीं बता पाए
पर अब अपनी नफ़रत ज़रुर 💔💔दिखाएंगे
भूल 💔💔जाऊंगी तुझे पूरे दिल से
तू खुश रह ज़िंदगी में दुआ💔 है रब से।
मोहब्बत💔💔 के नाम पे बेवफ़ा निकला तू
दिल तोड़ने वाला गुनाहगार निकला तू।💔💔
नफ़रत 💔💔होती है अब उस लम्हे से
जिस लम्हे हम💔💔 तुझसे मिले थे
टूट💔💔 कर जोड़ने की बात करते हो
दूर जाकर वापस 💔💔आने की बात करते हो
भरोसा तो आपने तोड़ा था💔💔💔💔
🌷🌷अब मेरी मोहब्बत बदनाम करते हो।
कोई💔💔 पूछेगा तो सुबह का भूला कह देंगे
तुम आओ तो सही, हम शाम 💔को सवेरा कह देंगे
हमने💔💔 दिल में दर्द दबाए रखा
बस यु ही माहौल बनाए रखा💔💔💔
अच्छा💔💔 लगता है तेरा नाम मेरे नाम के साथ
जैसे कोई सुबह जुडी हो किसी 💔हसीन शाम के साथ
शायद 💔💔इश्क अब उतर रहा है सर से,
मुझे अलफ़ाज़ नहीं मिलते💔💔 शायरी के लिए
मोहब्बत 💔💔का शौक यहां किसे था.
तुम पास आते गए और 😀😀मोहब्बत होती गई
इश्क़ 💔💔गुनाह है तो गलती की हमने,
सजा जो भी हो मंजूर💔❤️ है हमे ,
नज़र 💔💔और नसीब का भी क्या इत्तेफाक है यारों,
नज़र उसे ही पसंद करती है 💔💔जो नसीब में नहीं होता
तेरे💔💔 इश्क में इस तरह मैं नीलाम हो जाऊं !
आख़री हो तेरी बोली और💔💔 मैं तेरे नाम हो जाऊं
उस चेहरे 💔💔की मासूमियत मे इतना असर था
कि खरीद ली उसने इक 💔💔मुलाक़ात में ज़िन्दगी मेरी
हमें भी आज 💔💔ही करना था इंतिज़ार उस का उसे भी आज ही 💔💔सब वादे भूल जाने थे
इसी लिए 💔💔तो यहां अब भी अजनबी हूं मैं तमाम लोग फ़रिश्ते हैं💔💔💔 आदमी हूं मैं
हम-सफ़र💔💔 हो तो कोई अपना-सा
चाँद के साथ चलोगे कब तक💔💔💔
सच कहा💔💔 था किसी ने तन्हाई में जीना सीख लो
मोहब्बत जितनी भी सच्ची हो 💔💔साथ छोड़ ही जाती है।
पता नही 💔💔अब किसका हो गया वो शख्श,
जो कभी मेरा होने का दावा 💔💔💔करता था..
तुम थे 💔💔तुम हो तुम ही रहोगे,
कुछ इस तरह मोहब्बत💔 है तुमसे..
नाराजगी💔💔 चाहे कितनी भी क्यो न हो तुमसे,
तुम्हें छोड़ देने का ख्याल हम 💔💔आज भी नही रखते
अगर खोजूँ💔💔 तो कोई मुझे मिल ही जाएगा,
लेकिन तुम्हारी तरह💔💔 मुझे कौन चाहेगा?




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